संजय पांडेय वाल्मीकीनगर पश्चिमी चंपारण।
वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के कनघुसरी गांव निवासी 50 वर्षीय ब्यास गोड़ उस समय मगरमच्छ के हमले में बुरी तरह घायल हो गए जब वे शौच क्रिया से निवृत होकर चमैनिया ताल नाला में हाथ धो रहे थे। मगरमच्छ के हमले में घायल ब्यास गोड़ ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि शौच क्रिया के बाद मैं चमैनिया ताल में हाथ धो रहा था। अचानक मगरमच्छ मेरे ऊपर उछल कर हमला बोल दिया। मैं जब तक कुछ समझ पाता तब तक वह मेरे दोनों हाथों को अपने जबड़े में घुसेड़ लिया था। किसी तरह बाएं हाथ को निकाल उसके आंखों में अंगुली घुसेड़ा तब जाकर वह मेरे हाथ को छोड़ा, और दोबारा आक्रमण कर मेरे माथे को भी जख्मी कर दिया। मैं किसी तरह पानी से बाहर आया तब तक मेरा दाया हाथ है नाकामिल हो चुका था। मेरे चिल्लाने की आवाज सुन गांव वाले घटनास्थल पर पहुंचे और तत्क्षण उपचार के लिए वाल्मीकिनगर लाए। इस बाबत प्राथमिक उपचार कर रहे डॉक्टर एके भारती ने बताया की मगरमच्छ द्वारा हाथ के टेंडम को नुकसान पहुंचा दिया गया है। ऑपरेशन के बाद ही उंगलियां काम करना शुरू करेगी। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया है।इसके लिए घायल व्यक्ति को धन की आवश्यकता होगी। फिलहाल हालत गंभीर है।
