पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण।
बिहार में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे मतदाताओं को 6 अलग-अलग पदों के लिए मतदान करना होगा। इस बदलाव से प्रतिनिधियों की बेचैनी बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें नए आरक्षण रोस्टर के अनुसार चुनाव लड़ना होगा।
*ईवीएम से मतदान की प्रक्रिया* ईवीएम में एक कंट्रोल यूनिट और 6 बैलेट यूनिट होंगे, जिससे मतदाता 6 अलग-अलग पदों के लिए मतदान कर सकेंगे। यह प्रक्रिया तेज और सुव्यवस्थित होगी, जिससे मतदाताओं को सुविधा होगी। ईवीएम का इस्तेमाल करने से मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और कुशलता आएगी।
*नया आरक्षण रोस्टर* पंचायत चुनाव में नया आरक्षण रोस्टर लागू होगा, जिससे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिलेगा। यह बदलाव ग्रामीण राजनीति में नया समीकरण बनाएगा और कई दिग्गजों की सीटें बदल जाएंगी।
*प्रतिनिधियों की बेचैनी* नए आरक्षण रोस्टर और ईवीएम के इस्तेमाल से प्रतिनिधियों की बेचैनी बढ़ गई है। उन्हें नए सिरे से चुनाव लड़ना होगा और अपनी सीटों को बचाने के लिए रणनीति बनानी होगी। यह बदलाव बिहार की राजनीति में नया अध्याय लिखेगा।
