पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण बिहार।
बगहा।ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष अक्षय तृतीया के पावन अवसर भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान श्री परशुराम का जन्मोत्सव धूमधाम से स्थानीय समाजसेवी तथा जदयू के नेता विजय पांडेय जी रत्नमाला बगहा-१के निवास पर मनाया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम को माला अर्पित व पुष्पांजलि अर्पित किए। दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा अर्चना किया गया।तत्पश्चात आयोजक मंडल के सदस्य विजय कुमार पांडेय ,सुरेंद्र उपाध्याय , इंद्रसेन पांडेय आयुष पाण्डेय प्रशांत मिश्र व प्रिंस पाठक आदि ने उपस्थित ब्राह्मणों व विप्रजनो को अंगवस्त्र समर्पित कर सम्मानित किए ।चंदन का तिलक लगाकर उपस्थित ब्राह्मण बन्धुओं का स्वागत व अभिनंदन किया गया। विद्वान विप्र आचार्यों द्वारा सभी लोगों के मंगल के लिए स्वस्तिवाचन का पाठ किया गया।

तदोपरांत संबोधन कार्यक्रम शुरू हुआ ।कार्यक्रम का संचालन संस्कृत भारती के के संचालक श्री देव निरंजन दीक्षित जी ने किया ।वक्ताओं में आयोजक श्री विजय कुमार पांडेय ने विषय प्रवेश कराए। सुरेंद्र उपाध्याय ने ब्राह्मणों से निवेदन किया कि हमें भगवान परशुराम के चरित्र का अनुसरण चाहिए ।आगे वेद/शास्त्र और पीछे शस्त्र का पालन तो अवश्य करना चाहिए। क्योंकि हमें दोनों तरह से ज्ञान और शस्त्र दोनों से परिपूर्ण होना चाहिए। गिरींद्र पांडेय भगवान परशुराम के समान ही लोगों में सिद्धांत व चरित्र के बदौलत ही आगे बढ़ने की वकालत किए। संजय तिवारी ने लोगों ने लोगों को परशुराम ,वेदव्यास राम, वशिष्ठ ,जनक अष्टावक्र आदि मनिषियो के जीवन पर आधारित जीवन शैली अपनाने की बात कहे।नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट के सचिव निप्पू कुमार पाठक ने लोगों से आग्रह किया कि जब तक व्यक्ति अपने को ज्ञान के भंडार से परिपूर्ण नहीं करेगा। तब तक समाज में अपने आप को प्रतिष्ठित नहीं कर पाएगा । विप्रसमाज को एक दूसरे से जुड़कर एक दूसरे के सुख-दुख में हाथ बढ़ाने का भाव रखना होगा।रत्नेंद्र नाथ तिवारी ने अपने संबोधन ने ब्राह्मण एकता पर बल देने की बात कहे। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता पंडित गजेंद्र मिश्रा ने भी अपने संबोधन में ब्राह्मण एक नहीं रहने के कारण हांसिए पर चला गया इस बात को दोहराएं। कार्यक्रम समापन के अंतिम वक्ता के रूप में पंडित उमाशंकर महिला कॉलेज के प्रिंसिपल अरविंद कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि हम लोगों को परशुराम की तरह ही शास्त्र और शास्त्र से संपूर्ण होना चाहिए ।हमें अपने से गरीब ब्राह्मण और धनवान ब्राह्मणों में विभेध न करते हुए, सभी के यहां आने जाने चाहिए। इसकी शुरुआत हमें संकटकाल की घड़ी से शुरू करना चाहिए। हमें शमशान के घाट पर व संस्कारों के आयोजन के समय उनके घर बिना बुलाए जाने चाहिए

अन्त उनके संभाषण से प्रेरित व प्रभावित होकर गजेंद्र धर मिश्र ने भगवान परशुराम मंदिर निर्माण हेतु जमीन देने की बात स्वत: स्वीकार किए। भगवान परशुराम के मंदिर निर्माण के लिए जमीन देने की घोषणा करने पर सभी ने भगवान परशुराम की जय हो के नारे लगाए साथी गजेंद्र धर मिश्र की जय हो इसका भी नारा लगा। पूरा पंडाल जय परशुराम के नारों से गुंजायमान हो उठा। भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के अवसर पर रविकेश मिश्र, रवीश मिश्रा ,रवीशंकर नाथ तिवारी ,जनार्दन शुक्ल डॉ प्रेमनाथ तिवारी निवेदिता मिश्र, अधिवक्ता गीता मिश्र,बलराम मिश्र, राजेश पाठक आदि 500 से अधिक लोग मौजूद रहे।
