‘सपनों का भारत कैसा हो’ विषय पर विद्यार्थियों ने रखे विचार, चित्रकला में भी दिखी प्रतिभा
## मिथिलेश कुमार झा सुपौल
सुपौल। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), सुपौल में ‘सपनों का भारत कैसा हो’ विषय पर जिलास्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पिपरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामविलास कामत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डीपीएस के निदेशक डॉ. उदय कर्ण, शिक्षाविद प्रोफेसर ईश्वर चंद्र दत्त, इंजीनियर दिनेश रजक, पी.सी.एल. दास, समाजसेवी मोहम्मद जमालउद्दीन, डीपीएस सिमराही के प्रणव कुमार, डीपीएस सुपौल की प्राचार्या सोनी सिम्मी तथा श्रीमती चंदा समेत अन्य अतिथियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ डीपीएस सुपौल की वाइस प्रिंसिपल ओलिविया टेरेंस के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य बच्चों के सपनों में सुरक्षित है और इसी मंगलकामना के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम का संचालन मंदिरा मैडम ने किया। इसके बाद अर्पिता अनन्या ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर ‘सत्यम्, शिवम्, सुंदरम्’ की अवधारणा को जीवंत किया। अतिथियों का स्वागत डीपीएस के निदेशक डॉ. उदय कर्ण ने पारंपरिक रूप से पाग, दुपट्टा एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने ‘सपनों का भारत कैसा हो’ विषय पर अपने विचार और कल्पनाएं प्रस्तुत कीं।
आयुश्री प्रथम, ब्यूटी को दूसरा स्थान प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के भाषण सुनने के बाद प्रोफेसर ईश्वर चंद्र दत्त के नेतृत्व में निर्णायक मंडल ने परिणाम घोषित किए। डीपीएस सुपौल की आयुश्री ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अपने भाषण में ऐसे समग्र विकसित भारत की कल्पना प्रस्तुत की, जिसमें नागरिक अपने अधिकारों से अधिक अपने कर्तव्यों को महत्व दें। डीपीएस सुपौल की ब्यूटी कुमारी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। रजनीकांत पब्लिक स्कूल सुपौल की मधु और नंदिता संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं राशि रश्मि और महिमा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। चित्रकला में भी बच्चों ने दिखाई प्रतिभा मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से अपने सपनों के भारत की तस्वीर उकेरी। प्रतियोगिता में डीपीएस सुपौल के आदित्य ने प्रथम तथा रविशंकर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। रजनीकांत पब्लिक स्कूल की रूही और डीपीएस सुपौल की ऋतिका को संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार दिया गया। प्रतियोगिता में शामिल अन्य छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कार एवं प्रोत्साहन प्रदान किया गया। जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण भागीदारी का जज्बा कार्यक्रम के समापन पर डीपीएस के प्रिंसिपल इनचार्ज शुभोजित बनर्जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने सभी अतिथियों के प्रति समय देने और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि किसी प्रतियोगिता में जीत-हार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसमें भाग लेने का जज्बा होता है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के प्रति भी इस पहल के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। डीपीएस सुपौल में आयोजित यह प्रतियोगिता महज पुरस्कारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि विद्यार्थियों के मन में बसे भारत के भविष्य को सुनने और समझने का अवसर भी बनी। कार्यक्रम ने बच्चों को अपने सपनों, विचारों और विकसित भारत की कल्पना को मंच पर अभिव्यक्त करने का अवसर दिया।
