पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण बिहार।
नरकटियागंज, 9 सितंबर। इंडो-नेपाल सीमा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 44वीं वाहिनी नरकटियागंज सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में बुधवार को वाहिनी के “जी” समवाय बलबल के सोफा मंदिर परिसर में युवतियों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से दो प्रशिक्षण कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन 44वीं वाहिनी के कमांडेंट बलवंत सिंह नेगी ने उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सीमावर्ती क्षेत्र की युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 30 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण तथा 30 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण की शुरुआत की गई।सिलाई प्रशिक्षण में 25 प्रशिक्षुओं को शामिल किया गया है। यह प्रशिक्षण वाइब्रेंट विलेज जम्होली में आयोजित होगा, जिसमें गांव की बेरोजगार युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। वहीं, 25 युवतियों को ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण वाइब्रेंट विलेज कैरी की युवतियों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित किया जाएगा।

दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्कृति फाउंडेशन (एनजीओ) के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान एसएसबी की ओर से महिलाओं को सशस्त्र सीमा बल एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) में भर्ती, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, मधुमक्खी पालन, नशा मुक्त भारत अभियान तथा भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में उप कमांडेंट ज्ञानेंद्र कुमार, सहायक कमांडेंट रामवीर कुमार, परिमल मंडल, सागर मलिक एवं टी. सिरिंग, भाजपा के प्रदेश कार्यकारी सदस्य सूरज कुमार, पंचायत समिति सदस्य मंजू कुमारी, मुखिया अंतिमा देवी, उप मुखिया सुजीत राय, संस्कृति फाउंडेशन की निदेशक निधि राय, सहोदरा थाना अध्यक्ष अरुण कुमार सहित गांव के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
