पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण।
बगहा। बिहार, नेपाल और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बरसात के मौसम में बढ़ जाती हैं। इनमें रसेल वाइपर जैसे विषैले सांपों के काटने से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलना बेहद जरूरी है।
बगहा स्थित होमियो सेवा अस्पताल पिछले 26 वर्षों से सर्पदंश के मरीजों के इलाज के लिए कार्यरत होने का दावा करता है। अस्पताल के अनुसार, यहां प्रत्येक वर्ष 500 से अधिक सर्पदंश के मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर आवश्यक जांच और चिकित्सकीय निगरानी के साथ उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मरीज के ठीक होने के बाद भी फॉलोअप के माध्यम से उपचार जारी रखा जाता है।अस्पताल के मुख्य चिकित्सक डॉ. पदम भानु सिंह ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सांप काटने के स्थान पर किसी प्रकार का चीरा या घाव नहीं करना चाहिए और झाड़-फूंक जैसे उपायों में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। गंभीर सर्पदंश में तत्काल अस्पताल पहुंचकर आधुनिक आपातकालीन चिकित्सा और चिकित्सकीय निगरानी प्राप्त करना जरूरी है।
होमियो सेवा अस्पताल की ओर से सर्पदंश के मरीजों के लिए 24 घंटे, सातों दिन आपातकालीन सेवा उपलब्ध रहने की बात कही गई है। सर्पदंश की स्थिति में मरीज को जल्द से जल्द नजदीकी सक्षम अस्पताल ले जाने की अपील की गई है।सर्पदंश से संबंधित उपचार की जानकारी के लिए अस्पताल की ओर से डॉ. पदम भानु सिंह से व्हाट्सऐप नंबर 9955133355 पर संपर्क करने की जानकारी दी गई है।
नोट: सर्पदंश में रसेल वाइपर सहित विषैले सांपों के काटने पर इसे मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए। कसकर रस्सी बांधना, चीरा लगाना, विष चूसना या झाड़-फूंक में समय गंवाना नुकसानदायक हो सकता है। तत्काल नजदीकी अस्पताल/आपातकालीन चिकित्सा केंद्र पहुंचना सबसे महत्वपूर्ण है।
