पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण बिहार।
मधुबनी। बगहा अनुमंडल अंतर्गत मधुबनी प्रखंड स्थित राजकीय कृत हरदेव प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज के पूर्व प्राचार्य पं०भरत उपाध्याय ने पुरुषोत्तम मास में अयोध्या धाम में स्थित श्री राम मंदिर एवं श्री हनुमान गढ़ी का दर्शन कर कहा कि पुराणों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में तीर्थ यात्रा करने से पुर्वज प्रसन्न होते हैं। पुरुषोत्तम मास में सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश न होने के कारण इसे मलमास या मालिन मास भी कहा जाता है। स्वामी रहित होने से यह देव- पितर आदि की पूजा तथा मंगल कर्मों के लिए त्याज्य माना गया है ।इससे लोग इसकी घोर निंदा करने लगे। तब भगवान श्री कृष्ण ने कहा- मैं इसे सर्वोपरि अपने तुल्य करता हूं! सदगुण कीर्ति ,प्रभाव ,पराक्रम भक्तों को वरदान देने का समर्थ है आदि जितने गुण मुझमें हैं उन सबको मैं पुरुषोत्तम मास को सौंप दिया हूं।
अहमेते यथा लोके प्रथित: पुरुषोत्तम:।
तथायमपि लोकेषु प्रथित: पुरुषोत्तम:।।
भगवान श्री कृष्ण ने कहा कि जिस प्रकार मैं वेदों और शास्त्रों में पुरुषोत्तम नाम से विख्यात हूं उसी प्रकार यह मलमास भी भूतल पर पुरुषोत्तम नाम से प्रसिद्ध होगा ।अधिक मास, मलमास, पुरुषोत्तम मास के नाम से जान जाएंगे।
इस अवसर पर पंडित दुर्गेश पांडेय ,पीयुष कुमार त्रिपाठी, किशन कुमार, सिंधु पांडेय, दिनेश कुमार गुप्ता ,अंजनी मिश्रा, वंदना पांडेय और अंशिका पांडेय ने भी अयोध्या धाम की परिक्रमा किया।
