मिथिलेश कुमार झा सुपौल
सुपौल। आगामी जनगणना में मैथिली को मातृभाषा के रूप में दर्ज कराने के उद्देश्य से मैथिली भाषा-भाषियों की प्रतिनिधि संस्था चेतना समिति द्वारा नितमाया विवाह भवन, सुपौल में जागरूकता सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति मो. हारुन रशीद ने की।उन्होंने कहा कि मैथिली मिथिला में रहने वाले सभी वर्गों, जातियों और धर्मों के लोगों की मातृभाषा है। लोग अपने घर-परिवार में सहज रूप से मैथिली में संवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा बोलने वालों की वास्तविक संख्या का आकलन सुनिश्चित करने के लिए आगामी जनगणना में सभी लोग अपनी मातृभाषा के रूप में मैथिली दर्ज कराएं। उन्होंने अभियान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की अपील की।सभा में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और मैथिली आंदोलन से जुड़े लोगों ने चेतना समिति की पहल की सराहना की। जदयू नेता युगल किशोर अग्रवाल, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र कुमार ठाकुर और कांग्रेस नेता मो. मिन्नत रहमानी ने अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया।चेतना समिति के अध्यक्ष विवेकानंद झा ने कहा कि मातृभाषा का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उपाध्यक्ष उमेश मिश्र ने जागरण यात्रा की रूपरेखा और जनभागीदारी की जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. कुलानंद झा, जयप्रकाश चौधरी, रघुनाथ मुखिया, विप्रेन्द्र झा ‘माधव’, शिशिर चंद्र मिश्र, धर्मेंद्र मिश्र, मनोज पाठक सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभा में मैथिली के संरक्षण और जनगणना में इसे मातृभाषा के रूप में दर्ज कराने के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
