महात्मा गांधी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने पर जोर
पंचानन सिंह बगहा पश्चिम चंपारण।
बगहा। अनुमंडल कार्यालय परिसर में गुरुवार, 15 अक्टूबर को खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ हुआ। अनुमंडल पदाधिकारी चांदनी कुमारी ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इससे पूर्व उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान आयोजक संस्था के प्रमुख पंकज पांडेय ने अंगवस्त्र एवं फूलमाला भेंट कर एसडीओ को सम्मानित किया।
खादी स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रतीक
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने खादी को केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम माना था। आज के मशीनी युग में स्थानीय कारीगरों के हाथों से बनी वस्तुओं को उचित मंच उपलब्ध कराना और उनके हुनर को बाजार तक पहुंचाना ऐसे आयोजनों का प्रमुख उद्देश्य है।

प्रदर्शनी के माध्यम से खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ लोगों को स्वदेशी वस्तुओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से प्रदर्शनी में पहुंचकर स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी करने तथा स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की अपील की।
स्वदेशी उत्पादों से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं की खरीदारी से कारीगरों को आर्थिक संबल मिलता है और उनकी पारंपरिक कला एवं कौशल को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाओं को भी प्रोत्साहन मिलता है।

प्रदर्शनी में लोगों को खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों को देखने, उनकी विशेषताओं को जानने और खरीदारी करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी में पहुंचने तथा स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर स्थानीय कारीगरों का उत्साह बढ़ाने की अपील की।
