पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण बिहार।
गोरखपुर 11 अगस्त।सैंथवार-मल्ल समाज की स्वतंत्र जातीय पहचान और उसे पिछड़ा वर्ग की सूची में स्वतंत्र संवर्ग जाति के रूप में दर्ज किए जाने की मांग को विधान परिषद में उठाए जाने पर समाज के लोगों ने एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह का सम्मान किया। समाज के अध्यक्ष मनोज सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने एमएलसी को माला पहनाकर स्वागत और अभिनंदन किया तथा उनकी पहल के लिए आभार जताया।कार्यक्रम में समाज के लोगों ने कहा कि सैंथवार-मल्ल समाज लंबे समय से अपनी स्वतंत्र पहचान को लेकर आवाज उठाता रहा है। विधान परिषद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने से समाज के लोगों में नई उम्मीद जगी है।इस अवसर पर एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में सैंथवार-मल्ल को संवर्ग जाति के रूप में दर्ज किया गया है, जबकि पिछड़े वर्ग की अनुसूची-1 में इसे कुर्मी की उपजाति के रूप में जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि सैंथवार-मल्ल समाज की मांग है कि उसे कुर्मी की उपजाति के बजाय स्वतंत्र संवर्ग जाति के रूप में पिछड़ा वर्ग की सूची में दर्ज किया जाए।उन्होंने कहा कि किसी जाति की उपजाति के रूप में किसी समुदाय को जोड़ने के अधिकार और प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। उनकी मांग है कि सैंथवार-मल्ल समाज की स्वतंत्र पहचान को ध्यान में रखते हुए सरकार इस मामले पर उचित निर्णय ले।समाज के अध्यक्ष मनोज सिंह ने कहा कि सैंथवार-मल्ल समाज एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह का आभारी है कि उन्होंने समाज की मांग को विधान परिषद जैसे महत्वपूर्ण सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि समाज लंबे समय से अपनी स्वतंत्र पहचान की मांग कर रहा है और अब इस मुद्दे को सदन में उठाए जाने से लोगों को उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।मनोज सिंह ने कहा कि समाज के लोग अब तक भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करते आए हैं, लेकिन उनके अनुसार इससे पहले भाजपा या उसके किसी विधायक द्वारा समाज की इस मांग को सदन में प्रमुखता से नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि एमएलसी द्वारा आवाज उठाए जाने से समाज के लोगों में उत्साह है।कार्यक्रम के अंत में समाज के लोगों ने एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह का माल्यार्पण कर सम्मान किया और उनसे भविष्य में भी सैंथवार-मल्ल समाज की स्वतंत्र पहचान से जुड़े मुद्दे को मजबूती से सदन में उठाने की अपेक्षा जताई।
