(मिथिलेश कुमार झा सुपौल)
त्रिवेणीगंज (सुपौल)। दीपावली के शुभ अवसर पर अनुमंडल स्थित आवासीय गुरुकुल स्कूल, त्रिवेणीगंज में शुक्रवार को गुरुकुल दिवाली फेस्ट 2026 के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कला एवं रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में रंगोली निर्माण, चित्रकला एवं पेंटिंग, दीया सजावट तथा ग्रीटिंग कार्ड एवं दीपावली क्राफ्ट निर्माण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। सभी प्रतियोगिताओं में बच्चों ने एक से बढ़कर एक आकर्षक कलाकृतियां बनाईं। खासकर रंगोली प्रतियोगिता पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें विद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं द्वारा बनाई गई मनमोहक एवं रंग-बिरंगी रंगोलियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बेटियों ने रंगोली के रंगों से जलाया समानता का दीप इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि रंगोली प्रतियोगिता में बेटियों की भागीदारी बेहद उत्साहजनक रही। अपनी कला, मेहनत और कल्पनाशीलता से छात्राओं ने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। उनकी रंगोलियों ने केवल दीपावली की सुंदरता ही नहीं बढ़ाई, बल्कि समाज को बेटा-बेटी में भेदभाव मिटाकर समानता का संदेश भी दिया।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं में साक्षी सिंह, सुशांत, आरोही प्रिया, खुशी, आशीष, आर्यन, प्राची, दीक्षा, सपना, अंजलि, लकी, रितिका, सोनाक्षी सहित अनेक बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यालय के निदेशक राकेश चौधरी ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ उनकी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने का अवसर देना है। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक मूल्यों को विकसित करते हैं। बेटियों के नाम एक दीप, समानता और सम्मान का संदेश : विकाश आनंद विद्यालय के शैक्षणिक प्रभारी सह विद्यालय प्रभारी विकाश आनंद ने बेटियों की प्रतिभा और उनके सम्मान पर अपनी बात रखते हुए कहा: “इस दीपावली हमारी बेटियों ने रंगोली के रंगों से केवल विद्यालय परिसर को ही नहीं सजाया, बल्कि समाज को समानता का एक खूबसूरत संदेश भी दिया है। रंगोली प्रतियोगिता में बेटियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और उनकी एक से बढ़कर एक कलाकृतियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रतिभा का कोई लिंग नहीं होता। बेटियां किसी से कम नहीं हैं, बस उन्हें समान अवसर, विश्वास और प्रोत्साहन देने की जरूरत है। मेरे लिए इस दीपावली का सबसे खूबसूरत संदेश यही है कि बेटियों के नाम भी एक दीप जलाया जाए, ऐसा दीप जो उनके सपनों, आत्मसम्मान, शिक्षा, स्वतंत्रता और समान अधिकारों को रोशन करे। जिस समाज में बेटियों को बेटों के बराबर अवसर और सम्मान मिलता है, वही समाज वास्तव में प्रगति करता है। हमारा विद्यालय हमेशा बेटियों को आगे बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को मंच देने के लिए प्रतिबद्ध है।” कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सचिव रवि प्रकाश, शिक्षक गोविंद जोशी सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
