पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण।
बगहा। प्रखंड बगहा-1 के खैरटवा में चंपारण तटबंध टूटने की सूचना पर मंगलवार को सांसद पप्पू यादव मौके पर पहुंचे। उनके साथ बगहा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सह समाजसेवी जयेश मंगल सिंह भी मौजूद रहे। सांसद ने क्षतिग्रस्त तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान सांसद पप्पू यादव ने खैरटवा के बाढ़ पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

चंपारण तटबंध के तीन स्थानों पर टूटने के बाद सांसद ने सरकार और विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष एंटी एरोजन और फ्लड फाइटिंग के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, बावजूद इसके तटबंध सुरक्षित नहीं रह पा रहा है। उन्होंने तटबंध टूटने के मामले में जिम्मेदार अभियंताओं और अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।सांसद ने कहा कि वर्ष 2024 के बाद अब 2026 में भी तटबंध टूटने से बगहा और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वाल्मीकिनगर-बगहा क्षेत्र हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलता है, जिससे हजारों एकड़ फसल प्रभावित होती है और ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने तटबंधों की सुरक्षा के लिए गाइड बांध और ठोकर निर्माण कराने तथा नदी में जमा गाद की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग करते हुए पर्याप्त संख्या में नाव, मेडिकल सुविधा और कम्युनिटी किचन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही वर्ष 2024 और 2026 में तटबंध टूटने की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों और अभियंताओं पर कार्रवाई की मांग की।सांसद पप्पू यादव ने वाल्मीकिनगर और बगहा क्षेत्र को राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित करने, बाढ़ प्रभावित किसानों का पांच वर्ष का ऋण माफ करने तथा फसल एवं अन्य नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुई क्षति का ड्रोन और एआई तकनीक के माध्यम से सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का सटीक आकलन हो सके और पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत एवं उचित क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।
