पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण बिहार।
बगहा। फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर पंचायत शिक्षक के पद पर नियोजन पाने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई के बाद बगहा नगर थाना में एक पंचायत शिक्षक और एक पंचायत शिक्षिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला दर्ज होने के बाद दोनों के अपने-अपने घरों से गायब होने की चर्चा है। पुलिस उनकी तलाश के साथ पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, बगहा प्रखंड एक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नौका टोला, बड़गांव में कार्यरत पंचायत शिक्षक राजेश प्रसाद यादव तथा राजकीय मध्य विद्यालय, बड़गांव की पंचायत शिक्षिका शांति मिश्रा पर फर्जी मध्यमा (संस्कृत) अंकपत्र एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के आधार पर वर्ष 2005-06 में नियोजन प्राप्त करने का आरोप है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच के दौरान दोनों शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना भेजे गए थे। बोर्ड द्वारा 3 अगस्त 2023 को जारी सत्यापन प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया कि प्रस्तुत मध्यमा अंकपत्र बोर्ड द्वारा निर्गत नहीं किए गए हैं और वे फर्जी हैं। रिपोर्ट के आधार पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों को असली बताकर सरकारी सेवा हासिल की। जांच एजेंसी ने इसे संज्ञेय अपराध मानते हुए मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की आवश्यकता बताई है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पूरण कुमार शर्मा ने बताया कि प्रमाणपत्रों के सत्यापन में फजीर्वाड़े की पुष्टि होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की अनुशंसा पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इधर, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोनों आरोपित शिक्षकों के घर पर ताला लटका मिला, जिससे उनके फरार होने की चर्चा तेज हो गई है। नगर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपितों की तलाश जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई
की जाएगी।
