पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण बिहार।
बगहा। सिविल सर्जन बेतिया के निर्देश पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बगहा-1 क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम, जांच केंद्रों और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ जांच अभियान चलाया। टीम के पहुंचते ही कई संचालकों में हड़कंप मच गया। कुछ संचालक अपने संस्थानों में ताला लगाकर मौके से फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संस्थानों के पंजीकरण, लाइसेंस समेत संचालन से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।अभियान के दौरान अब तक करीब आधा दर्जन स्वास्थ्य संस्थानों और जांच केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। टीम ने संचालकों से संस्थान संचालन से संबंधित कागजात मांगे और उनकी वैधता की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान जिन संस्थानों के दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं, उनकी भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।जांच टीम में शामिल पतिलार स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. आशु कुमार ने बताया कि बगहा-1 क्षेत्र में संचालित सभी नर्सिंग होम और जांच घरों की जांच की जा रही है। खुशी डायग्नोस्टिक सेंटर के दस्तावेज जांच में सही पाए गए हैं। वहीं जीवन ज्योति, मन्नत हॉस्पिटल, आयुष्मान हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर और आरोग्य जांच घर के दस्तावेज टीम को प्राप्त हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।डॉ. आशु कुमार ने बताया कि जांच टीम के पहुंचने से पहले ही अपोलो हॉस्पिटल में ताला बंद कर कर्मी मौके से फरार हो गए थे। इसके अलावा दो पैथोलॉजी लैब भी बंद मिले। इन संस्थानों की आगामी दिनों में दोबारा जांच की जाएगी।डॉ. भूषण कुमार ने बताया कि जांच टीम में उनके अलावा दो अन्य स्वास्थ्यकर्मी और नगर थाना बगहा की पुलिस शामिल थी। उन्होंने कहा कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। बगहा-1 के बाद अन्य क्षेत्रों में भी संचालित नर्सिंग होम, जांच केंद्र और पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य मरीजों को अवैध स्वास्थ्य संस्थानों और झोलाछाप चिकित्सकों से बचाना है। जांच के दौरान बिना वैध पंजीकरण या नियमों के विपरीत संचालन पाए जाने पर संबंधित संस्थान को सील करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
