रेलवे स्टेशन से अंबेडकर प्रतिमा तक निकाला विरोध मार्च, SIR में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण।
बगहा। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इंडिया गठबंधन में शामिल विभिन्न दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को बगहा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे और मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग उठाई। साथ ही SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में हुए चुनावों को रद्द करने की मांग भी की।
विरोध मार्च बगहा रेलवे स्टेशन से शुरू होकर अनुमंडल मुख्यालय के समीप स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा। मार्च में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

13 करोड़ 20 लाख लोगों के नाम हटाने का लगाया आरोप
मार्च में शामिल माले नेता एवं सिकटा के पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने चुनाव आयोग पर केंद्र सरकार के निर्देश पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलत तरीके से मतदान करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है, लेकिन मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी जयेश मंगल सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में 13 करोड़ 20 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिससे उनके मताधिकार पर असर पड़ा। उन्होंने SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बिहार, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में इसके बाद हुए चुनावों को रद्द करने की मांग की। साथ ही मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजने पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी जयेश मंगलम सिंह ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार विधानसभा चुनाव से दो दिन पहले महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजकर मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
जयेश मंगलम सिंह ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में जीवित लोगों को मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा
विरोध मार्च में दुर्गेश चौहान, जावेद अख्तर, हीरालाल यादव, सुभाष चौहान, गुड्डू राम, बृजमोहन राम, मुन्ना चौहान और अशोक यादव समेत इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों के नेता एवं कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लेकर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई।संपादकीय सुझाव: खबर में नेताओं के आरोपों को उनके बयानों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। प्रकाशन से पहले मतदाता सूची से 13 करोड़ 20 लाख नाम हटाए जाने तथा चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में राशि भेजने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि करना उचित होगा।
