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44 वर्षों से चली आ रही दुर्गा पूजा की परंपरा बनी आस्था और सांस्कृतिक विरासत की पहचान
(पंचानन सिंह बगहा, पश्चिमी चंपारण)
बगहा। बगहा-1 प्रखंड की सिंगाड़ी पिपरिया पंचायत अंतर्गत पिपरिया गांव के वार्ड संख्या-13 में दशहरा पर्व के समापन पर नृत्य कला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भक्ति गीतों की प्रस्तुति पर हजारों श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में जय मां सहोदरा ठाकुर क्लब ड्रामा डांस पार्टी के संचालक सिंधु ठाकुर की टीम ने भक्ति गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। देर तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रितेश कुमार चौहान उर्फ विकास कुमार चौहान ने पूजा के सफल आयोजन पर पिपरिया, छोटकीपट्टी, भिड़ारी, अगस्तिया, बेलवा, डुमरिया, नंदा टोला, बरदाहा और मिश्रौली टोला सहित आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने शांतिपूर्ण माहौल में पूजा संपन्न कराने में ग्रामीणों के सहयोग की सराहना करते हुए सभी के प्रति आभार जताया।
44 वर्षों से कायम है पूजा की परंपरा
अध्यक्ष रितेश कुमार चौहान ने कहा कि पिपरिया गांव में वर्ष 1982 से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। पिछले 44 वर्षों से ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और आपसी सहयोग से पूजा समारोह शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित होता रहा है। यह परंपरा आस्था, सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और भाईचारे की पहचान बन चुकी है। साथ ही, नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
पूजा के बेहतर प्रबंधन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की अहम भूमिका रही। समिति के कोषाध्यक्ष संदीप कुमार साह, सचिव नर्मदेश्वर ठाकुर तथा सदस्य रत्नेश कुमार, विनय कुमार, अजीत चौधरी, मुन्ना चौहान, रूपेश कुमार, मनोरंजन सिंह, अवधेश कुमार, दारोगा चौधरी, अनिरुद्ध साह और अशोक यादव ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया। समिति की ओर से सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
