जीवन प्रमाणीकरण, फॉर्मर रजिस्ट्री एवं आवास योजना को लेकर जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक निर्देश
बेतिया। राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में आज जिले के सभी प्रखंडों की कुल 45 पंचायतों में सहयोग शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की गई।जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, श्री तरनजोत सिंह ने चनपटिया प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राज भैंसही पोखरिया में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु पहुंचे ग्रामीणों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याओं एवं आवेदनों की जानकारी ली तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने शिविर परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का बारी-बारी से निरीक्षण किया और आमजनों की सुविधा के लिए उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्राप्त आवेदनों, उनके निष्पादन की स्थिति एवं लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजनों की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, कार्यपालक सहायक एवं विकास मित्र को निर्देशित किया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के शत-प्रतिशत लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र लाभुक पेंशन की सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्य में भी तेजी लाने तथा सभी पात्र किसानों का समयबद्ध तरीके से पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आवास योजना से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने ग्राम पंचायत के माननीय मुखिया श्री परशुराम राम से कहा कि पंचायत स्तर पर छूटे हुए पेंशनधारियों के जीवन प्रमाणीकरण तथा सभी योग्य किसानों के फॉर्मर रजिस्ट्रेशन कार्य में सक्रिय सहयोग करें, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों तक पहुंच सके।
जिलाधिकारी श्री तरनजोत सिंह ने कहा कि सहयोग शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजनों को सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाए बिना पंचायत स्तर पर ही विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित हो। सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

इस अवसर पर विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, श्री सुजीत कुमार, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी-सह-अपर जिला पंचायत राज पदाधिकारी, श्री मुकेश कुमार चैधरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, श्री प्रणव कुमार गिरि, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, श्री लोकेश झा, बीपीआरओ, श्री विवेक कुमार सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
वहीं दूसरी ओर उप विकास आयुक्त, श्री काजले वैभव नितिन ने मझौलिया प्रखंड अंतर्गत महनागनी एवं रतनमाला पंचायतों में संचालित सहयोग शिविरों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं एवं प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।इसी प्रकार जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित सहयोग शिविरों का अन्य जिलास्तरीय एवं नामित नोडल पदाधिकारियों द्वारा भी निरीक्षण किया गया तथा शिविरों की व्यवस्थाओं, विभागीय स्टॉलों एवं प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई।
