विजयादशमी की संध्या पर घर-घर होता है आयोजन, गिले-शिकवे भुलाकर भाईचारे और प्रेम का दिया जाता है संदेश
(पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण)
बगहा, पश्चिमी चंपारण। चेहरे की चमक, होठों की लाली और रिश्तों की मिठास बरकरार रखने की अनूठी परंपरा मलकौली-पठखौली में वर्षों से जीवंत है। विजयादशमी के अवसर पर यहां लोग एक-दूसरे के घर जाकर मिठाई खिलाते हैं और पान का बीड़ा देकर प्रेम, सद्भाव, मित्रता तथा भाईचारे का संदेश देते हैं। दशहरे की संध्या पर निभाई जाने वाली यह परंपरा सामाजिक समरसता और आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने की मिसाल है।

पान को संस्कृत में तांबूल कहा जाता है। भारतीय संस्कृति में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में तांबूल का विशेष महत्व है। लेकिन मलकौली-पठखौली में विजयादशमी के दिन पान और मिठाई खिलाने की परंपरा का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संबंधों में मिठास घोलना भी है। यहां लोग अपने घरों के सामने मिठाई की थाल और सजे-धजे पान के बीड़े लेकर अतिथियों के स्वागत में बैठते हैं।
इस दौरान छोटे-बड़े और बुजुर्ग, सभी एक-दूसरे के घर पहुंचकर अभिवादन करते हैं। अतिथियों को मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया जाता है। वहीं, विदाई के समय पान खिलाकर उनके चेहरे की मुस्कान और संबंधों की मधुरता बनाए रखने की कामना की जाती है। इस मिलन समारोह में लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर आपसी प्रेम और विश्वास को मजबूत करते हैं।

नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट के सचिव, समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी निप्पू कुमार पाठक कहते हैं कि इस परंपरा के पीछे हमारे पूर्वजों की दूरदर्शी सोच रही होगी। आज के डिजिटल दौर में लोग इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर तो सक्रिय रहते हैं, लेकिन आपसी मेल-मिलाप के लिए समय कम निकाल पाते हैं। ऐसे में विजयादशमी की यह परंपरा लोगों को एक-दूसरे से प्रत्यक्ष रूप से मिलने, संवाद करने और रिश्तों को नई ऊर्जा देने का अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि इस परंपरा की खूबसूरती यह है कि इसमें उम्र, पद और प्रतिष्ठा का कोई भेद नहीं रहता। हर व्यक्ति एक-दूसरे के घर जाता है, मिठाई खाता है और पान खिलाकर आत्मीयता प्रकट करता है। यह आयोजन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम है।मलकौली-पठखौली की यह परंपरा संदेश देती है कि त्योहारों की असली खुशी अपनों से मिलने, मनमुटाव मिटाने और रिश्तों में प्रेम की मिठास घोलने में है।
