मिथिलेश कुमार झा सुपौल
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल, 28 सितंबर को सुपौल में कलेक्ट्रेट घेराव: अनुपम
सुपौल। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच सुपौल में कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सुपौल जिलाध्यक्ष अनुपम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, उनके खिलाफ जांच कराने तथा पिछले तीन वर्षों में हुए चुनावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर 28 सितंबर को सुपौल जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा।अनुपम का यह बयान द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्ति दर्ज की थी। आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, Form 6 में बदलाव, मतदाता डेटा के प्रबंधन और SIR यानी Special Intensive Revision से जुड़े मुद्दे शामिल थे।अनुपम ने आरोप लगाया कि इन घटनाक्रमों से चुनाव आयोग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में हुए चुनावों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।हालांकि, चुनाव आयोग ने रिपोर्ट के बाद स्पष्ट किया कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग मत या टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और आयोग के अंतिम निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए। आयोग ने रिपोर्ट में उल्लिखित आपत्तियों के अस्तित्व से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्हें अंतिम संस्थागत असहमति के रूप में पेश किए जाने पर आपत्ति जताई।अनुपम ने कहा कि मतदाता का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और मतदाता सूची से जुड़े किसी भी निर्णय में पारदर्शिता एवं जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से 28 सितंबर के प्रस्तावित कलेक्ट्रेट घेराव में शामिल होने की अपील की।कांग्रेस के इस आंदोलन से सुपौल में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं।
