एनीमिया, जोखिमपूर्ण गर्भावस्था और कैंसर की समय पर पहचान पर जोर, 329 स्वास्थ्य कैडर होंगे प्रशिक्षित
(पंचानन सिंह बगहा पश्चिमी चंपारण बिहार)
बेतिया। महिलाओं के स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु सुरक्षा और बेहतर पोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जीविका कर्मियों का तीन दिवसीय आवासीय स्वास्थ्य संजीवनी प्रशिक्षण नील गंगा होटल, बेतिया में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में एनीमिया, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, नवजात शिशु की देखभाल और स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की समय पर पहचान और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षक मृत्युंजय कुमार ने महिलाओं में खून की कमी के लक्षण, दुष्परिणाम और बचाव के उपाय बताए। उन्होंने संतुलित आहार में हरी सब्जियां, दालें तथा विटामिन-सी युक्त फल शामिल करने पर जोर दिया। साथ ही प्रजनन स्वास्थ्य, गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं और उच्च जोखिम वाले नवजात की पहचान के बारे में विस्तार से बताया।
जीविका के प्रबंधक (स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता) सतीश कुमार ने कहा कि स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की शुरुआती पहचान एवं नियमित जांच से गंभीर परिणामों से बचाव संभव है। उन्होंने जीविका कर्मियों से ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श के प्रति जागरूक करने की अपील की।

प्रशिक्षण के तहत पश्चिम चंपारण जिले के 57 एचएनएमआरपी और 272 सीएनआरपी सहित कुल 329 कैडर को प्रशिक्षित किया जाएगा। ये प्रशिक्षित कर्मी स्वयं सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के माध्यम से जीविका दीदियों तक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी पहुंचाएंगे। साथ ही जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों को नजदीकी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ेंगे।जीविका कर्मियों द्वारा इन गतिविधियों की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़े और जरूरतमंद परिवारों को समय पर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
